मौन का नक्शा – एक युवा की आंतरिक गूंज | शून्यता से प्रकाश तक – अध्याय 5 | रहस्यमयी पंक्तियाँ अर्दा ने बहुत कम उम्र में भीड़ में अकेला रहना सीख लिया था। घर में सब मौजूद थे, लेकिन कोई वास्तव में एक-दूसरे से जुड़ा नहीं था। पिता थके हुए लौटते, माँ चुपचाप खाना परोसतीं, और छोटा भाई एमिर अपने खिलौनों की दुनिया में खोया रहता। बातचीत संक्षिप्त होती, निगाहें थकी हुई। उस घर में शब्द नहीं, मौन गूंजता था। और अर्दा उसी मौन के बीच बड़ा हो रहा था। एक शाम, खाने की मेज़ पर पिता ने टीवी चालू किया। समाचारों में युवाओं की "बिगड़ैलता" पर चर्चा हो रही थी। पिता बोले, "ये सब सोशल मीडिया की वजह से है। हर कोई खुद को कुछ समझने लगा है।" अर्दा ने कांटा नीचे रखा। बोला, "शायद हर कोई कुछ है।" मौन छा गया। माँ ने नज़रें झुका लीं। एमिर चुपचाप अपनी थाली में चावल गिनता रहा। पिता बस टीवी देखते रहे। उसी पल अर्दा ने महसूस किया कि इस घर की सबसे ऊँची आवाज़ मौन है। वह अपने कमरे में चला गया। खिड़की से बाहर देखा। सामने की बालकनी में एक बच्चा अकेला बैठा था। हाथ में मोबाइल, आँखों में खालीपन… अर्दा को लग...
Gizemli Satırlar, masalların kalbinden, gezegenlerin sessizliğinden ve Mira’nın zaman yolculuğundan doğan bir anlatı evidir. Çocuklar ve edebiyat tutkunları için duygunun bilimle buluştuğu özgün öyküler sunar. Her yazı, hayal gücünü besleyen bir keşif, her kelime bir duygunun izidir. Bilimle düşü, sessizlikle sesi buluşturan bu evrende, okuyucular kendi iç yolculuklarına çıkabilir.